1भीमसेन की व्यथा और महर्षि वेदव्यास का मार्गदर्शन
पांडवों में युधिष्ठिर, अर्जुन, नकुल, सहदेव और द्रौपदी प्रत्येक एकादशी का नियमपूर्वक उपवास करते थे। परंतु महाबली भीमसेन की उदर की अग्नि (वृक) अत्यंत प्रबल थी, जिससे वे भूख सहन नहीं कर पाते थे। उन्होंने व्यास जी से प्रार्थना की कि कोई ऐसा एक व्रत बताएं जिससे बिना बार-बार उपवास किए मोक्ष मिल सके।
