आरती संग्रह • Aarti Sangrahरविवार एवं छठ पूजा
भगवान सूर्य देव जी की आरती
"जय कश्यप नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन। त्रिभुवन तिमिर निकन्दन, भक्त हृदय चन्दन॥"
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जय कश्यप नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।
त्रिभुवन तिमिर निकन्दन, भक्त हृदय चन्दन॥ ॐ जय सूर्य भगवान...॥
सप्त-अश्व रथ साजे, छवि निर्मल भ्राजे।
उषा काल जब आवे, दुंदुभि नभ बाजे॥ ॐ जय सूर्य भगवान...॥
अंधकार सब भागे, प्राणी सब जागे।
तेज तुम्हारा पाकर, नवनिधि फल लागे॥ ॐ जय सूर्य भगवान...॥
आरोग्य के दाता, जीवन सुखदाता।
ताम्बे के लोटे से, जो नर जल चढ़ाता॥ ॐ जय सूर्य भगवान...॥
