आरती संग्रह • Aarti Sangrahएकादशी एवं द्वादशी
खाटू श्याम जी की आरती
"ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे। खाटू धाम विराजे, अनुपम रूप धरे॥"
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ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे।
खाटू धाम विराजे, अनुपम रूप धरे॥ ॐ जय श्री श्याम हरे...॥
शीश का दानी बाबा, लखदातार कहावे।
हारे का सहारा बनकर, नैया पार लगावे॥ ॐ जय श्री श्याम हरे...॥
तीन बाण धारी प्रभु, सुदर्शन चक्र धरे।
मोरछड़ी लहराकर, सब दुख-दर्द हरे॥ ॐ जय श्री श्याम हरे...॥
फाल्गुन शुक्ल एकादशी, मेला भारी लागे।
जो जन शीश नवावे, सो सोभाग्य जागे॥ ॐ जय श्री श्याम हरे...॥
कंचन थाल सजाकर, जो आरती उतारे।
दास मनोहर गावे, भवसागर निस्तारे॥ ॐ जय श्री श्याम हरे...॥
