आरती संग्रह • Aarti Sangrahरविवार एवं गायत्री जयंती
वेदमाता गायत्री जी की आरती
"जयति जयति गायत्री माता, जयति जयति गायत्री माता। आदि शक्ति तुम अलख निरंजन, जग पालनकर्ता॥"
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जयति जयति गायत्री माता, जयति जयति गायत्री माता।
आदि शक्ति तुम अलख निरंजन, जग पालनकर्ता॥
ब्रह्म रूपिणी, वेद जननी, तुम हो सुखकारी।
चौबीस अक्षर महामंत्र में, महिमा विस्तारी॥
सूर्य तेज सम रूप तुम्हारा, ज्ञान प्रकाश करे।
जो ध्यावे निष्काम भाव से, भव से पार तरे॥
ऋद्धि-सिद्धि नव निधि की दाता, बुद्धि विवेक भरी।
आरती करत दास जन तेरे, हरो विपति सारी॥
